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Toucan bird in Hindi टोकन पक्षी अनोखे चोच वाला पक्षी


 टोकन पक्षी यह उन दुर्लभ पक्षियों में से है जिन की बनावट अनोखी और विचित्र होती है। इसके रंगीन और बड़े चोच इस पक्षी की खासियत है। इसकी चोच की सुंदरता के कारण दक्षिणी अमेरिका के वर्षा वनों में इस पक्षी का शिकार करते हैं और उन चोचों को बेच देते हैं।
या पक्षी उन प्रजातियों में से हैं जो आज खतरे में है। तो आइए अब हम इस पक्षी के बारे में कुछ अन्य महत्वपूर्ण जानकारियों को जानते हैं।


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1. यह पक्षी दक्षिणी अमेरिका के उष्णकटिबंधीय वर्षा वनों में पाया जाता है। टोकन पक्षी की कुल 40 प्रजातियाँ होती है। इस पक्षी का आकार और वजन इनकी प्रजातियों के आधार पर निर्धारित होता है। इनकी सबसे छोटी प्रजाति का वजन 130 gram औरा
आकार 11.5 इंच तक का होता है। जबकि इनकी सबसे बड़ी प्रजाति जिसका नाम Toco toucan है इसका वजन 680 ग्राम और आकार 29 इंच तक का होता है।

2. इस पक्षी की चोंच काफी लंबी होती है।
और देखने में काफी चटकीले रंगों की होती है। जो कि इन्हें वर्षा वनों में रहने के लिए उपयुक्त बनाता है। और इन्हीं चटक रंगों के कारण इन्हें पेड़ पौधों के बीच छिपने और उनके बीच घुलमिल जाने में बहुत मदद करता है। टोकन पक्षी के पंख काफी छोटे होते हैं जिस कारण से यह लंबी दूरी तय नहीं कर सकते हैं। जिस कारण भोजन के लिए इन्हें छोटी-छोटी उड़ान तय करना पड़ता है।

3. टोकन पक्षी अपने शरीर के तापमान को नियंत्रित करने के लिए अपने चोच पर निर्भर रहता पड़ता है इसलिए सोते समय यह अपने चोंच को अपनी पीठ से सटाकर सो जातें है जिस कारण से रात में इनके शरीर का तापमान नियंत्रित रहता है।

4. टोकन पक्षी अन्य कई पक्षियों की तरह सर्वाहारी (Omnivorous) होते हैं। परंतु मुख्य रूप से यह वर्षा वनों में लगने वाले फल जैसे अंजीर, संतरा और अमरूद आदि फल खाते हैं। इसके अतिरिक्त यह छोटे जानवरों जैसे कीट पतंगों, छिपकली, अन्य पक्षियों के अंडे और छोटी प्रजातियों के पक्षियों का शिकार भी करते हैं। 5. वर्षा वनों के घटते और जंगलों के कटने से आज यह पक्षी खतरे में है ।और इसके साथ कई अन्य प्रजातियाँ भी खतरे में है। लेकिन आज कई पक्षी प्रेमि इन पक्षियों को पाल रहे हैं और इनका संरक्षण कर रहे हैं।

6. इन पक्षियों की लंबी चोंच इन्हें फलो तक पहुँचने में मदद करती है। और पेड़ों के अंदर गहरे खोखले क्षेत्रों में से यह अपनी चोंच की सहायता से कीड़े मकोड़े पकड़ते हैं। पर इनके
चोंच इतने भी मजबूत नहीं होते हैं की इनसे यह अपनी रक्षा कर सकें परंतु यह अन्य हिंसक जीवो से यह अपनी चोंच के माध्यम से डरा जरूर सकते हैं। 7. यह पक्षी मेंढक के जैसे इतनी तेज आवाज निकालते हैं जो आधे मील दूर से भी सुनी जा सकती है। इन पक्षियों के नर एवं मादा दोनों के रंग देखने में एक जैसे ही होते हैं इसलिए किसी विशेषज्ञ के लिए भी इनमें भेद कर पाना काफी मुश्किल होता है।

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